श्री भारत अभ्युदय न्यास एक ऐसी गौशाला का निर्माण करने जा रहा है जहाँ लावारिस, बीमार, वृद्ध और बेसहारा गायों को आश्रय दिया जायेगा और उनके रहने के लिए उचित स्थान, साफ-सफाई और चारे का प्रबंध किया जायेगा। इस गौशाला के माध्यम से न्यास निम्न उद्देश्य पूर्ण करेगा -
1. जैविक खेती और पंचगव्य का प्रचार : श्री भारत अभ्युदय न्यास जैविक खेती और पंचगव्य का प्रचार करेगा. किसानों को गाय के गोबर और मूत्र से बनी खाद (Organic Fertilizer) और कीटनाशकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण देगा तथा उनको प्रेरित करेगा। न्यास गौशाला को पंचगव्य (दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र) से दवाएं और अन्य उपयोगी वस्तुएं (जैसे साबुन, अगरबत्ती) बनाकर आत्मनिर्भर बनाएगा।
2. नस्ल सुधार और संरक्षण : श्री भारत अभ्युदय न्यास देशी नस्लों (जैसे गिर, साहिवाल, थारपारकर) के संरक्षण के लिए कार्य करेगा। हमारा उद्देश्य भारतीय नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाना और उनके दूध की गुणवत्ता के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
3. चारागाह और जल स्रोतों का विकास : न्यास गायों के चरने के लिए छोड़ी गई सरकारी या सार्वजनिक भूमि (चारागाह) को अतिक्रमण मुक्त कराने और उन्हें विकसित करने का कार्य करेगा।
4. प्लास्टिक और कचरा प्रबंधन सड़कों पर घूमने वाली गायें अक्सर प्लास्टिक खा लेती हैं जो उनके लिए घातक होता है। न्यास इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएगा और लोगों को कचरा प्रबंधन के लिए जागरूक करेगा।
5. जागरूकता अभियान और शिक्षा संस्थाएं : न्यास स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर सेमिनार और रैलियां आयोजित करेगा और सोशल मीडिया पर वीडियो सन्देश जारी करेगा ताकि नई पीढ़ी को गौ-सेवा के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व के बारे में बताया जा सके।
6. क्रूरता के विरुद्ध कानूनी सहायता : न्यास गायों की तस्करी और उनके साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए अधिवक्ताओं की एक टीम बनाएगा, जो प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करेगा।
7. मिलावट के विरुद्ध जागरूकता अभियान : न्यास नकली दूध, घी, पनीर के विरुद्ध जन जागरूकता अभियान चलायेगा और अपनी गौशाला के माध्यम से शुद्ध गौ उत्पाद लोगों तक पहुंचाएगा.
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