श्री भारत अभ्युदय न्यास के उद्देश्य
गौ और धरती मां की रक्षा :श्री भारत अभ्युदय न्यास गौ आधारित अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और धरती मां को विषमुक्त करने के लिए कार्य करेगा. इसके लिए न्यास भारत के सभी जिलों में गौशाला का निर्माण, पंचगव्य उत्पादों का निर्माण और जैविक खेती के प्रशिक्षण की कार्यशालाएं आयोजित करेगा.
शिक्षा और अनुसंधान: श्री भारत अभ्युदय न्यास धरती पर वसुधैव कुटुंबकम् के उद्घोष को सार्थक करेगा और जन्मना जाति के जहर से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए वैदिक शिक्षा, वैदिक संस्कार तथा वैदिक संस्कृति सभ्यता को पुनर्जीवित करेगा। इसके लिए न्यास वैदिक गुरुकुलों व वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा; छात्रवृत्तियां प्रदान करेगा और पत्रिकाओं, पुस्तकों व डिजिटल मीडिया (यूट्यूब, रेडियो) के माध्यम से शिक्षा एवं प्रेरक सामग्री का प्रचार-प्रसार करेगा।
बुनियादी स्वास्थ्य : श्री भारत अभ्युदय न्यास गौशालाओं के माध्यम से गौ आधारित स्वास्थ्य प्रद उत्पाद उत्पादों का निर्माण करेगा, शुद्ध दूध-घी-दही सामान्य जनता को उपलब्ध करायेगा, तथा सामान्य जनता के लिए आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्रों की स्थापना करेगा.
संवैधानिक मूल्यों और आर्थिक समानता को बढ़ावा देना: भारतीय संविधान के आदर्शों (समानता, पंथनिरपेक्षता, समाजवाद) को व्यवहार में लाने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर देने और नागरिकों के बीच आय के अंतर को कम करने के लिए आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करने हेतु कार्य करेगा।